Emotional
हम हर बार मज़बूत नहीं थे,…
हम हर बार मज़बूत नहीं थे, बस मजबूरी थी, कई बार रोने के लिए भी कोई अपना नहीं था।
— Ketan · Shayarana with Ketan
© Shayarana with Ketan
19 October 2026
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Emotional
ख़ुद से शिकायत
मैं सबको समझता रहा उम्र भर, मुझे समझने की किसी ने कोशिश न की। मैं हर किसी के लिए मौजूद रहा, मेरी ख़ामोशी की किसी ने ख़बर न ली।
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मैंने हर किसी को अपना दर्द…
मैंने हर किसी को अपना दर्द नहीं बताया, कुछ लोग मरहम कम, कहानी ज़्यादा बनाते हैं।
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कभी-कभी इंसान रोता नहीं, बस बदल…
कभी-कभी इंसान रोता नहीं, बस बदल जाता है, और दुनिया उसके बदलने को उसका घमंड समझ लेती है।
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