दोस्ती की शायरी
मेरी बर्बादी के क़िस्से सबने सुने…
मेरी बर्बादी के क़िस्से सबने सुने, एक दोस्त था जिसने पूछा—अब घर चलें?
— Ketan · Shayarana with Ketan
© Shayarana with Ketan
19 October 2026
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दोस्ती की शायरीSample
नमूना: दोस्ती
कुछ रिश्ते ख़ून से नहीं, दिल से बनते हैं, दोस्त वही जो हर मौसम में साथ चलते हैं।
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सच्चा दोस्त
जो मेरी हार में भी मेरे साथ खड़ा था, उसे मेरी जीत का सबूत क्या दूँ। वो जानता है मेरी ख़ामोशी का मतलब, उसे अपने दिल का परिचय क्या दूँ।
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पुरानी दोस्ती
न दौलत की बात थी, न शोहरत का सवाल, बस साथ बैठना ही ख़ुशी हुआ करता था। अब मिलते हैं तो वक़्त देखना पड़ता है, कभी एक पल में पूरा दिन हुआ करता था।
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