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दोस्ती की शायरी

दोस्ती की शायरी

कभी पैसे नहीं थे, मगर शामें…

कभी पैसे नहीं थे, मगर शामें अमीर थीं, दोस्त साथ थे तो जेबें भी छोटी नहीं लगती थीं।

— Ketan · Shayarana with Ketan

© Shayarana with Ketan

19 October 2026

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