दो लाइन की शायरी
हम ख़ुद से मिलने निकले थे एक दिन
हम ख़ुद से मिलने निकले थे एक दिन, रास्ते में दुनिया के मसले मिलते गए।
— शायराना विद केतन
© Shayarana with Ketan
15 October 2026
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दो लाइन की शायरी
तुम्हें भूलने की कोशिश में ये जाना मैंने
तुम्हें भूलने की कोशिश में ये जाना मैंने, यादें मिटती नहीं, बस जीने का ढंग बदलता है।
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कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते
कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते, कुछ लोग दूर होकर भी दूर नहीं होते।
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ख़ामोशी
कुछ बातें लफ़्ज़ों में उतरती ही नहीं, कुछ दर्द ऐसे हैं जो चेहरे पर ठहरते ही नहीं।
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