ख़ुद से मोहब्बत और आत्मचिंतन
अब ख़ुद की कमियों से नफ़रत…
अब ख़ुद की कमियों से नफ़रत नहीं करता, मैं भी इंसान हूँ, कोई मुकम्मल जवाब नहीं।
— Ketan · Shayarana with Ketan
© Shayarana with Ketan
19 October 2026
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ख़ुद से मोहब्बत और आत्मचिंतन
ख़ुद से मुलाक़ात
बहुत दिन दूसरों की नज़र से ख़ुद को देखा, कभी अपनी नज़र से भी देखना चाहिए। हर बार दुनिया को सही साबित करते-करते, कभी अपने दिल की भी सुनना चाहिए।
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मैंने सबको ख़ुश रखने की कोशिश…
मैंने सबको ख़ुश रखने की कोशिश में साल गुज़ार दिए, फिर ख़ुद से पूछा—तूने मुझे कब ख़ुश देखा था?
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मैंने आईने से आज पहली बार…
मैंने आईने से आज पहली बार माफ़ी माँगी, बरसों दूसरों की नज़र से ख़ुद को देखता रहा।
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