Emotional
मैंने कई बार ख़ुद को ठीक बताया है,
मैंने कई बार ख़ुद को ठीक बताया है, जबकि भीतर कुछ भी पहले-सा नहीं पाया है। लोगों को मेरी आवाज़ सामान्य लगी, किसी ने नहीं पूछा, ये सन्नाटा कहाँ से आया है।
— शायराना विद केतन
© Shayarana with Ketan
20 October 2026
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Emotional
ख़ुद से शिकायत
मैं सबको समझता रहा उम्र भर, मुझे समझने की किसी ने कोशिश न की। मैं हर किसी के लिए मौजूद रहा, मेरी ख़ामोशी की किसी ने ख़बर न ली।
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मैंने हर किसी को अपना दर्द…
मैंने हर किसी को अपना दर्द नहीं बताया, कुछ लोग मरहम कम, कहानी ज़्यादा बनाते हैं।
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कभी-कभी इंसान रोता नहीं, बस बदल…
कभी-कभी इंसान रोता नहीं, बस बदल जाता है, और दुनिया उसके बदलने को उसका घमंड समझ लेती है।
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