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तन्हाई की शायरी

तन्हाई की शायरी

ऑनलाइन दुनिया, ऑफ़लाइन दर्द

हर रोज़ हज़ार चेहरों से मुलाक़ात होती है, फिर भी रात को ख़ुद से बात नहीं होती है। हमने दुनिया को अपनी ख़ुशियों के सबूत दिए, मगर अपने दुख की कभी पोस्ट नहीं होती है। अजीब दौर है—सबको हमारी ख़बर रहती है, बस हमें ही अपनी हालत की ख़बर नहीं होती है।

— Ketan · Shayarana with Ketan

© Shayarana with Ketan

19 October 2026

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