दोस्ती की शायरी
वो दोस्त है जो मेरी ख़ामोशी पढ़ लेता है,
वो दोस्त है जो मेरी ख़ामोशी पढ़ लेता है, मेरी झूठी हँसी में भी कमी पकड़ लेता है। दुनिया पूछती है, तुम्हारे पास है क्या, मैं कहता हूँ—एक दोस्त है, जो मुझे मुझसे बेहतर समझ लेता है।
— शायराना विद केतन
© Shayarana with Ketan
20 October 2026
Aur bhi padhiye
दोस्ती की शायरीSample
नमूना: दोस्ती
कुछ रिश्ते ख़ून से नहीं, दिल से बनते हैं, दोस्त वही जो हर मौसम में साथ चलते हैं।
© Shayarana with Ketan
Poori shayari padhein →दोस्ती की शायरी
सच्चा दोस्त
जो मेरी हार में भी मेरे साथ खड़ा था, उसे मेरी जीत का सबूत क्या दूँ। वो जानता है मेरी ख़ामोशी का मतलब, उसे अपने दिल का परिचय क्या दूँ।
© Shayarana with Ketan
Poori shayari padhein →दोस्ती की शायरी
पुरानी दोस्ती
न दौलत की बात थी, न शोहरत का सवाल, बस साथ बैठना ही ख़ुशी हुआ करता था। अब मिलते हैं तो वक़्त देखना पड़ता है, कभी एक पल में पूरा दिन हुआ करता था।
© Shayarana with Ketan
Poori shayari padhein →