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दोस्ती की शायरी

दोस्ती की शायरी

वो दोस्त है जो मेरी ख़ामोशी पढ़ लेता है,

वो दोस्त है जो मेरी ख़ामोशी पढ़ लेता है, मेरी झूठी हँसी में भी कमी पकड़ लेता है। दुनिया पूछती है, तुम्हारे पास है क्या, मैं कहता हूँ—एक दोस्त है, जो मुझे मुझसे बेहतर समझ लेता है।

— शायराना विद केतन

© Shayarana with Ketan

20 October 2026

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