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Romantic

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तेरे बालों में उलझी शाम अच्छी लगती है,

तेरे बालों में उलझी शाम अच्छी लगती है, तेरे साथ हर बेनाम राह अच्छी लगती है। मुझे चाँद-सितारों की ज़रूरत ही क्या है, तेरी हँसी में पूरी कायनात अच्छी लगती है।

— शायराना विद केतन

© Shayarana with Ketan

20 October 2026

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