मोहब्बत की शायरी
मोहब्बत की असल दौलत मिलना नहीं…
मोहब्बत की असल दौलत मिलना नहीं होती, किसी को खोकर भी उसके लिए बद्दुआ न निकलना होती है।
— Ketan · Shayarana with Ketan
© Shayarana with Ketan
19 October 2026
Aur bhi padhiye
मोहब्बत की शायरी
तुम्हारा होना
तुम्हें चाहना कोई आदत नहीं थी मेरी, ये वो बात थी जो ख़ुद से भी छुपाई मैंने। तुम दूर हुए तो पता चला मुझको, कितनी दुनिया तुम्हारे नाम पर बसाई मैंने।
© Shayarana with Ketan
Poori shayari padhein →मोहब्बत की शायरी
दिल की बात
तुम्हारी आँखों में कुछ ऐसा ठहर जाता हूँ, जैसे कोई मुसाफ़िर घर पहुँच गया हो। तुमसे बात करके ये एहसास होता है, कि दिल भी कभी ख़ुद से मिल गया हो।
© Shayarana with Ketan
Poori shayari padhein →मोहब्बत की शायरी
तुम्हें चाहना मेरी ज़िंदगी का सबसे…
तुम्हें चाहना मेरी ज़िंदगी का सबसे ख़ूबसूरत जुर्म था, सज़ा भी उम्रभर मिली, मगर गुनहगार होने का ग़म नहीं।
© Shayarana with Ketan
Poori shayari padhein →