दर्द भरी शायरी
मैंने अपने दर्द को इतना तहज़ीब…
मैंने अपने दर्द को इतना तहज़ीब सिखा दी, अब वो आँसू नहीं बहाता, बस आँखें झुका लेता है।
— Ketan · Shayarana with Ketan
© Shayarana with Ketan
19 October 2026
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दर्द भरी शायरी
अंदर का शोर
मेरे भीतर एक शोर लगातार रहता है, बाहर से मगर सब कुछ शांत लगता है। कुछ सवाल हैं जिन्हें सोने नहीं देता, कुछ जवाब हैं जिनसे डर लगता है।
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दर्द का हिसाब
अब किसी से अपने दुख का हिसाब क्या माँगूँ, लोग चेहरे पढ़ते हैं, ख़ामोशी नहीं। मैंने हर बार हँसकर बात टाल दी, मेरी आँखों ने मगर कोई बात छुपाई नहीं।
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मेरी हँसी का मतलब मेरी ख़ुशी…
मेरी हँसी का मतलब मेरी ख़ुशी मत समझना, कुछ घर उजड़ने के बाद भी बाहर से रोशन रहते हैं।
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