अधूरी मोहब्बत की शायरी
तुम्हारे बाद
तुम्हारे बाद भी दुनिया चलती रही, बस मेरे भीतर कुछ ठहर-सा गया। मैं हँसता तो रहा महफ़िलों में मगर, मेरा एक हिस्सा कहीं खो-सा गया।
— Ketan · Shayarana with Ketan
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16 October 2026
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अधूरी मोहब्बत की शायरी
अधूरी कहानी
हम दोनों के बीच फ़ासला इतना भी न था, बस एक बात थी जो कही नहीं गई। वो मेरा हो सकता था शायद, मगर हर चाहत की तक़दीर लिखी नहीं गई।
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जो मेरा न हुआ
तुम्हें खोने का दुख अपनी जगह है, तुम्हें पा न सकने का अफ़सोस अलग। एक उम्र तुम्हारे ख़याल में गुज़री, और तुमसे मेरा रिश्ता रहा बस एक झलक।
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अधूरी चाहत
कुछ ख़्वाब थे जिन्हें हक़ीक़त बनाना था, कुछ लम्हे थे जिन्हें उम्र भर निभाना था। मगर ज़िंदगी ने अलग रास्ते चुन लिए, हमें तो बस किसी का होकर रह जाना था।
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