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अधूरी मोहब्बत की शायरी

अधूरी मोहब्बत की शायरी

तुम्हारे बाद

तुम्हारे बाद भी दुनिया चलती रही, बस मेरे भीतर कुछ ठहर-सा गया। मैं हँसता तो रहा महफ़िलों में मगर, मेरा एक हिस्सा कहीं खो-सा गया।

— Ketan · Shayarana with Ketan

© Shayarana with Ketan

16 October 2026

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