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अधूरी मोहब्बत की शायरी

अधूरी मोहब्बत की शायरी

जो मेरा न हुआ

तुम्हें खोने का दुख अपनी जगह है, तुम्हें पा न सकने का अफ़सोस अलग। एक उम्र तुम्हारे ख़याल में गुज़री, और तुमसे मेरा रिश्ता रहा बस एक झलक।

— शायराना विद केतन

© Shayarana with Ketan

15 October 2026

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