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ज़िंदगी की शायरी

ज़िंदगी की शायरी

ज़िंदगी का सबक़

ज़िंदगी ने मुझे धीरे-धीरे ये समझाया, हर अपना इंसान हमसफ़र नहीं होता। कुछ लोग मिलते हैं रास्ता दिखाने के लिए, हर मिलने वाला आख़िरी सफ़र नहीं होता।

— शायराना विद केतन

© Shayarana with Ketan

15 October 2026

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