ज़िंदगी की शायरी
वक़्त
वक़्त ने सबके चेहरे नहीं बदले, कुछ चेहरों से बस पर्दे हटा दिए। हम जिन्हें अपना सच समझते रहे, उन्हीं लोगों ने हमें सबक़ सिखा दिए।
— शायराना विद केतन
© Shayarana with Ketan
15 October 2026
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ज़िंदगी की शायरी
ज़िंदगी का सबक़
ज़िंदगी ने मुझे धीरे-धीरे ये समझाया, हर अपना इंसान हमसफ़र नहीं होता। कुछ लोग मिलते हैं रास्ता दिखाने के लिए, हर मिलने वाला आख़िरी सफ़र नहीं होता।
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वक़्त का जवाब
हर सवाल का जवाब मिल जाए, ज़रूरी नहीं, हर चाहत को मुक़ाम मिल जाए, ज़रूरी नहीं। कुछ सबक़ सफ़र में ही समझ आते हैं, हर मंज़िल पर आराम मिल जाए, ज़रूरी नहीं।
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ज़िंदगी ने हर सवाल का जवाब…
ज़िंदगी ने हर सवाल का जवाब नहीं दिया, मगर हर जवाब से एक नया सवाल ज़रूर दिया।
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