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ख़ुद से मोहब्बत और आत्मचिंतन

ख़ुद से मोहब्बत और आत्मचिंतन

ख़ुद को साबित करते-करते

हर किसी को दिखाना है कि हम कुछ बन रहे हैं, इसी कोशिश में न जाने क्या-क्या खो रहे हैं। किसी की नई गाड़ी, किसी की नई उड़ान, हम अपनी ही ज़िंदगी को दूसरों से तौल रहे हैं। एक दिन ख़ुद से पूछना, ऐ मेरे दोस्त, तू अपनी ख़ुशी जी रहा है या दुनिया को दिखा रहा है?

— Ketan · Shayarana with Ketan

© Shayarana with Ketan

19 October 2026

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