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ख़ुद से मोहब्बत और आत्मचिंतन

ख़ुद से मोहब्बत और आत्मचिंतन

अब ख़ुद को हर बात पर दोष नहीं देता,

अब ख़ुद को हर बात पर दोष नहीं देता, हर टूटे रिश्ते का बोझ नहीं लेता। मैं भी इंसान हूँ, मुझसे भी भूल होगी, अब अपनी ग़लती पर ख़ुद को रोज़ नहीं खोता।

— शायराना विद केतन

© Shayarana with Ketan

20 October 2026

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