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उम्मीद और ख़्वाब

उम्मीद और ख़्वाब

टूटी हुई डाल पर भी नई…

टूटी हुई डाल पर भी नई कोंपल आ जाती है, कुदरत को मालूम है—अंतिम दिखने वाली चीज़ भी हमेशा अंत नहीं होती।

— Ketan · Shayarana with Ketan

© Shayarana with Ketan

19 October 2026

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