उम्मीद और ख़्वाब
मेरे पास मंज़िल का नक़्शा नहीं…
मेरे पास मंज़िल का नक़्शा नहीं, मगर चलने की वजह अब भी बाक़ी है।
— Ketan · Shayarana with Ketan
© Shayarana with Ketan
19 October 2026
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उम्मीद और ख़्वाब
एक छोटी-सी उम्मीद
अभी रात है तो सुबह भी आएगी, थकी हुई आँखों में रोशनी भी आएगी। तू अपने ख़्वाबों का दामन मत छोड़, किसी दिन तेरी मेहनत रंग भी लाएगी।
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अँधेरा देखकर सूरज पर शक मत…
अँधेरा देखकर सूरज पर शक मत करना, हर सुबह को आने में पूरी रात लगती है।
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मेरे ख़्वाबों का घर अभी बना…
मेरे ख़्वाबों का घर अभी बना नहीं है, मगर मैंने उसकी चाबी हार के हवाले नहीं की।
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