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परिवार और माँ-बाप की शायरी

परिवार और माँ-बाप की शायरी

माँ के लिए

मेरी हर हार पर जिसने हौसला दिया, मेरी हर जीत पर आँखों में नूर रखा। मैं दुनिया से माँगता रहा अपनी पहचान, माँ ने मेरी ख़ामोशी में भी गुरूर रखा।

— Ketan · Shayarana with Ketan

© Shayarana with Ketan

16 October 2026

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