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परिवार और माँ-बाप की शायरी

परिवार और माँ-बाप की शायरी

पिता का प्यार

पिता ने अपने सपनों का ज़िक्र कम किया, मेरी ख़्वाहिशों को मगर पूरा करते रहे। मैं समझता रहा कि वो सख़्त मिज़ाज हैं, वो अपनी परेशानियाँ मुझसे छुपाते रहे।

— शायराना विद केतन

© Shayarana with Ketan

15 October 2026

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