परिवार और माँ-बाप की शायरी
माँ की दुआ
मेरे हिस्से की धूप ख़ुद सहती रही, मेरी राहों में छाँव बिछाती रही। मैं दुनिया में नाम कमाने चला गया, माँ घर में मेरी सलामती माँगती रही।
— शायराना विद केतन
© Shayarana with Ketan
15 October 2026
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परिवार और माँ-बाप की शायरीSample
नमूना: माँ
माँ की दुआओं में वो असर होता है, हर मुश्किल का रास्ता आसान होता है।
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पिता का प्यार
पिता ने अपने सपनों का ज़िक्र कम किया, मेरी ख़्वाहिशों को मगर पूरा करते रहे। मैं समझता रहा कि वो सख़्त मिज़ाज हैं, वो अपनी परेशानियाँ मुझसे छुपाते रहे।
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माँ के लिए
मेरी हर हार पर जिसने हौसला दिया, मेरी हर जीत पर आँखों में नूर रखा। मैं दुनिया से माँगता रहा अपनी पहचान, माँ ने मेरी ख़ामोशी में भी गुरूर रखा।
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