धोखा और बदलते रिश्ते
रिश्तों का नया हिसाब
अब रिश्तों में भी जवाब देर से आते हैं, लोग व्यस्त कम, शायद दूर ज़्यादा हो जाते हैं। कभी एक ख़त के लिए महीनों इंतज़ार था, अब संदेश पढ़कर भी लोग अनजान हो जाते हैं। तकनीक ने फ़ासले मिटा तो दिए, मगर दिलों तक पहुँचने के रास्ते कहाँ बन पाए?
— Ketan · Shayarana with Ketan
© Shayarana with Ketan
19 October 2026
Aur bhi padhiye
पहचान
मैंने लोगों को वक़्त के साथ बदलते देखा, अपने ही वादों से पलटते देखा। जिन्हें अपनी दुआओं में रखा था कभी, उन्हें मेरी ख़ामोशी पर हँसते देखा।
© Shayarana with Ketan
Poori shayari padhein →मतलब के रिश्ते
जब तक ज़रूरत थी, हम याद आते रहे, काम निकल गया तो अजनबी कहलाते रहे। हम रिश्तों को दिल से निभाते रहे, वो रिश्तों में अपना फ़ायदा गिनाते रहे।
© Shayarana with Ketan
Poori shayari padhein →बदलते लोग
कल तक जो मेरी बातों में ख़ुशी ढूँढ़ते थे, आज उन्हें मेरा हाल सुनना गँवारा नहीं। वक़्त ने रिश्तों की तस्वीर कुछ यूँ बदली, अब कोई अपना भी पहले-सा हमारा नहीं।
© Shayarana with Ketan
Poori shayari padhein →