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धोखा और बदलते रिश्ते

धोखा और बदलते रिश्ते

रिश्तों का नया हिसाब

अब रिश्तों में भी जवाब देर से आते हैं, लोग व्यस्त कम, शायद दूर ज़्यादा हो जाते हैं। कभी एक ख़त के लिए महीनों इंतज़ार था, अब संदेश पढ़कर भी लोग अनजान हो जाते हैं। तकनीक ने फ़ासले मिटा तो दिए, मगर दिलों तक पहुँचने के रास्ते कहाँ बन पाए?

— Ketan · Shayarana with Ketan

© Shayarana with Ketan

19 October 2026

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