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अधूरी मोहब्बत की शायरी

अधूरी मोहब्बत की शायरी

हम मिलकर भी एक-दूसरे के हो न सके,

हम मिलकर भी एक-दूसरे के हो न सके, क़रीब रहकर भी दिल के क़रीब हो न सके। कुछ फ़ासले नक़्शों पर नहीं होते, इसीलिए हम साथ चलकर भी साथ हो न सके।

— शायराना विद केतन

© Shayarana with Ketan

20 October 2026

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