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ज़िंदगी की शायरी

ज़िंदगी की शायरी

ज़िंदगी ने हर सवाल का जवाब नहीं दिया,

ज़िंदगी ने हर सवाल का जवाब नहीं दिया, कुछ रास्तों पर चलने का हिसाब नहीं दिया। मैं ढूँढ़ता रहा हर मोड़ पर वजह अपनी, वक़्त ने कहा—हर घटना को किताब नहीं किया जाता।

— शायराना विद केतन

© Shayarana with Ketan

20 October 2026

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