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दर्द भरी शायरी

दर्द भरी शायरी

मैंने दुख को भी घर का पता दे रखा है,

मैंने दुख को भी घर का पता दे रखा है, वो आता है तो चुपचाप बैठ जाता है। अब आँसू भी मुझसे इजाज़त नहीं माँगते, दिल भर जाए तो चेहरा ख़ुद बता जाता है।

— शायराना विद केतन

© Shayarana with Ketan

20 October 2026

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