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परिवार और माँ-बाप की शायरी

परिवार और माँ-बाप की शायरी

घर की सबसे पुरानी कुर्सी पर…

घर की सबसे पुरानी कुर्सी पर बैठे पिता को देखना, वो थकान नहीं दिखाते—बस अब धीरे उठते हैं।

— Ketan · Shayarana with Ketan

© Shayarana with Ketan

19 October 2026

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