परिवार और माँ-बाप की शायरी
पिता के नाम
पिता की जेब में शायद ख़्वाहिशें कम थीं, मगर मेरी हर ज़रूरत उनके बजट से बड़ी थी।
— Ketan · Shayarana with Ketan
© Shayarana with Ketan
19 October 2026
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परिवार और माँ-बाप की शायरीSample
नमूना: माँ
माँ की दुआओं में वो असर होता है, हर मुश्किल का रास्ता आसान होता है।
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पिता का प्यार
पिता ने अपने सपनों का ज़िक्र कम किया, मेरी ख़्वाहिशों को मगर पूरा करते रहे। मैं समझता रहा कि वो सख़्त मिज़ाज हैं, वो अपनी परेशानियाँ मुझसे छुपाते रहे।
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माँ की दुआ
मेरे हिस्से की धूप ख़ुद सहती रही, मेरी राहों में छाँव बिछाती रही। मैं दुनिया में नाम कमाने चला गया, माँ घर में मेरी सलामती माँगती रही।
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